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Wednesday, February 3, 2016

मानव शरीर से जुड़े रोचक तथ्य


हर मनुष्य अपने जीवन काल में लगभग 60,566 लीटर पानी पी जाता है.

मनुष्य के शरीर के एक इंच वर्ग के क्षेत्र में 3 करोड़ 20 लाख बैकटीरीया होते हैं.

लगभग हर मनुष्य को सोने के लिए 7 मिनट लगते हैं.

हम अपनी 33% जिन्दगी सिर्फ सौते हुए बिता देते हैं.

आप बोलते समय 72 किस्म की भिन्न-भिन्न मास्पेशीयां उपयोग करते है.

जो लोग रात को काम करते है उनका वजन साधारण से ज्यादा होता है.

लगभग हर साल 2,500 left-handed लोग ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करने से मारे जाते हैं जो कि Right-handed लोगों के लिए बनाए जाते हैं.

लोग हर साल शार्को के हमला करने से ज्यादा नारीयल सिर पर गिरने से मारे जाते हैं.

औसतन हर मनुष्य अपने जीवन का एक साल इधर-उधर रखी हुई चीजों को ढुढने में लगा देता है.

लगभग औसतन इन्सान Keyboard से टाईप करते समय अपने left hand का 56% use करता है.
(www.rochhak.com)
लगभग 75% लोग सिर पर पानी डालकर नहाना शुरू करते हैं.



एक मनुष्य अपने जीवनकाल में 27,000 किलोग्राम तक भोजन खा जाता है जो कि 6 हाथीयों के वजन के बराबर होता है.

लगभग 20 लाख मरने वाले लोगों में से एक की मौत bed से नीचे गिरने से होती है.

Kiss करने से ज्यादा हाथ मिलाते समय gurms एक हाथ से दुसरे पर जाते हैं.

सालाना 4 लोग(लड़के) अपनी पैंट बदलते समय अपनी जान गवा देते हैं.

ज्यादातर लोगो के रोजाना 50 से 100 बाल झड़ जाते हैं. पर सवाल तो यह है कि वह जाते कहा हैं?

मानव दाँत चट्टानों जितने कठोर होते हैं.
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विश्व की 7 अरब आबादी में सिर्फ 4 लोग ऐसे है जो कि 116 से ज्यादा की उम्र जी रहे हैं.



एक औसतन मनुषय के लिए अपनी ही कुहनी चाट पाना असंभ्व है.

छीकते समय आँखे खुली रख पाना नामुनकिन है और छीकते समय दिल की गती एक मिली सेंकेड के लिए रुक जाती है.

अगर आप जोर से छीके तो आप अपनी पसली तुडवा सकते हैं.

अगर आप छीकते वक्त अपनी आँखे जोर से खुली रखने की कोशिश करे तो आप की eyeball(डेला) तिडक सकता है.

सिर्फ एक घंटा हेडफोन लगाने से हमारे कानो में जीवाणुयों की तादाद 700 गुना बढ़ जाती है.

अगर आप अपना सिर एक दीवार से लगाकर दबाब लगाए तो आप एक घंटे में अपनी 150 कैलौरी खर्च करते हैं.

पूरे जीवन काल के दौरान नीद में आप भिन्न-भिन्न तरह के 70 कीट और 10 मकडीयाँ खा जाते है.

आपका दिल एक दिन में लगभग 100,000 बार धडकता है.

आप के शरीर की लगभग 25 फीसदी हड़डियाँ आप के पैरों में होती हैं.

ऊगलियों के नाखुन पैरों के नाखुनों से 4 गुना ज्यादा जलदी बढ़ते हैं.

आप 300 हड़डियों के साथ जन्म लेते है., पर 18 साल तक होतो-होते आप की हड़डियाँ जुड़ कर 206 रह जाती हैं.

एक औसतन इंन्सान दिन में 10 बार हसता है.

अगर आप 8 साल, 7 महीने और 6 दिनों तक चिल्लाएँ तब आप एक कप कौफी बनाने के लिए जरूरी ताप की मात्रा प्रापत कर लेगें.
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हमारे शरीर में सबसे ताकतवर मासपेशी हमारी जीभ है.

जो लोग इस पोस्ट को पढ़ रहे है उन में से 75 % से ज्यादा लोग अपनी कुहनी चाटने की कोशिश करेगे.

हमारे मानव दिल में बहुत शक्ति होती है और यह बहुत ही अधिक दबाब से खून पंप करता है. अगर मान ले कि हमारा दिल हमारे शरीर बाहर खून पंप करे तो यह खून को 30 मीटर ऊपर उछाल सकता है.

एक साल में आपके शरीर की मासपेशीयाँ 50,00,000(50 लाख) बार हरकत करतीं है.

आप अपने आप को सांस रोक के नही मार सकते ऐसा मुशकिल होता है क्योंकि हमारी सास वाली मासपेशीयाँ हमारे द्वारा किए गए कंटरोल से अधिक ताकतवर होती है.

आपका पेट हर दो हफते में बलगम की एक नयी परत बनाता है और इसे खुद ही पचा जाता है.

Sunday, January 31, 2016

औरतो के बारे में रोचक तथ्य


International Woman Day हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है. कई देशों में इस दिन छुट्टी भी की जाती है.

इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि किसी औलंपिक में अमरीका की टीम में पुरूषों से ज्यादा महिलाये हों. 2012 की औलंपिक टीम में 269 महिलाये और 261 पुरूष थे.

अमरीका में पुरूषों से महिलायों की गिणती ज्यादा है.


औरत लिंग का जैविक चिन्ह

औरत लिंग का जैविक चिन्ह ऊपरी चिन्ह है और यह शुर्क ग्रह का भी चिन्ह है.

लगभग 100 में से 2 महिलायों के एक अतिरिक्त स्तन होता है जो कि तीसरा स्तन होता है.

साउदी अरब में यह कानुन है कि अगर कोई पति अपनी पतनी को cofee ना दे तो वह उससे तलाक ले सकती है.

महिलाएँ पुरूषों के मुकाबले अपनी ऑखे दुगनी ज्यादा झपकती है.

'Woman' शब्द की उत्पति wyfman' से हुई है जिसका अर्थ है - 'wife of man'.

संसार से हर जगह औरतो की औसत आयु मर्दो से कही ज्यादा है. महिलाएं पुरुषों के मुकाबले लंबी जिंदगी जीती हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह उनका इम्यून सिस्टम है।

लंबे कद वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति अधिक सचेत रहना चाहिए क्योंकि उन्हें इसका खतरा अधिक होता है। हालैंड के कुछ वैज्ञानिकों ने अपने शोध के आधार पर माना है कि लंबे कद वाली महिलाओं का शारीरिक विकास कम उम्र से ही तेजी से होता है जिस वजह से उनके हार्मोन्स में बदलाव भी तेजी से होता है। इससे उन्हें ब्रेस्ट कैंसर की आशंका अधिक रहती है।

हर महिला अपने जीवन काल दौरान लगभग 2 किलो 700 ग्राम lipstick लगा चुकी होती है.

लगभग 27% औरतो की मौत दिल की बिमारी के कारण और 12% की मौत कैंसर से होती है.



सबस ज्यादा बच्चो को जन्म देने की रिकार्ड रूस की एक महिला के नाम हैं. जिसके 69 बच्चे थे. इनमे से 7 तो तिगड़ी थे अर्थात् तीन इकट्ठे पैदा हुए थे और 7 ही जुड़वा और बाकी एक-एक थे.

लगभग अमरीका की सेना में 14% महिलाएँ है जबकि 1950 में यह आकड़ा 2% से कम था.

Newzealand ऐसा पहिला देश है जिसने औरते को वोट का अधिकार सबस पहले 1893 में दिया. इंग्लैंड ने 1932 में दिया था।

अगर एक आदमी सात दिनो के लिए कही बाहर जाता है तो वह पाँच दिन के कपड़े पैक करता है. मगर जब एक औरत सात दिन के टूर पर जाती है तो वह लगभग 21 सूट पैक करती है क्योकि वह यह नही जानती कि हर दिन उसे किया पहनने को दिल करेगा.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिलाओं को नए जन्मे बच्चे की खुशबू बहुत ज्यादा उत्तेजित करती है। यह उत्तेजना किसी भी ड्रग्स के शिकार व्यक्ति के तड़पने के बराबर होती है।

औरतो को सुंघने की समता जन्म से ही मर्दो से ज्यादा होती है और सारी जिन्दगी ज्यादा ही रहती है.

झूठ के मामले में महिलाएं पुरुषों से काफी पीछे हैं। एक पुरुष दिन भर में 6 बार झूठ बोलता है। वहीं, एक महिला औसतन दिन में दो बार ही झूठ बोल पाती है।

औरतो के दिल की गति की धड़कन मर्दो से ज्यादा होती है.

हर साल लगभग 1 करोड़ 40 लाख किशोर लड़किया गर्भवती होती है और इनमे से 90% विकासशील देशों की होती है.

ब्रिटेन में महिलाओं के पास औसतन 19 जोड़े जूते और सैंडिल होते हैं। इनमें से वह सिर्फ सात जोड़ी काम में लाती हैं। इसके साथ ही अपनी पूरी जिंदगी में महिलाएं 111 हैंडबैग्स खरीदती हैं।

लगभग हर दिन 1,600 औरतें बच्चो को जन्म देने के दौरान मरती है ओर इनमे से 99% विकासशील देशो की होती है.

लड़कियां बड़ी चूजी होती हैं। एक शोध के मुताबिक, वे अपना एक साल सिर्फ यह सोच कर निकाल सकती हैं कि उन्हें कौन-से कपड़े पहनने हैं। वहीं, अपने लुक को लेकर वो दिन में कम से कम 9 बार सोचती हैं।

इस बात से आप भी इत्तेफाक रखेंगे कि महिलाओं के पेट में कोई भी बात नहीं पचती। महिलाएं किसी भी खास बात को 47 घंटे और 15 मिनट तक ही गुप्त रख सकती हैं। इसके बाद ज्वालामुखी फटता है।




अफ्रीकी देश नाइजर शिशु जन्म दर के मामले में सबसे आगे है। यहां की महिलाएं औसतन सात बच्चों को जन्म देती हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।

एक साल में महिलाएं 30 से 64 बार रोती हैं। वहीं, पुरुष एक साल में सिर्फ 6 से 17 बार रोते हैं।

यह बात सुनने में भले ही मजाक लगे, लेकिन सच है कि पुरुष औसतन 13000 शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि महिलाएं लगभग 20 हजार शब्द बोलती हैं।

कामकाज में महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा वरीयता दी जाती है, लेकिन असलियत ये है कि महिलाएं एक साथ कई तरह के काम करने में पुरुषों से कहीं ज्यादा सक्षम होती हैं।

श्रीलंका ऐसा एकलौता देश है जिसका पहला प्रधानमंत्री एक महिला थी. श्रीमती भंडारनायके 1960 में श्रीलंका के पहले प्रधानमंत्री बने.

गर्भाशय का सफल ट्रांसप्लांट कराने वाली दुनिया की पहली महिला पहली बार 2013 में प्रेग्नेंट हुई थी।

दुनिया का सबसे पहला नावल 'The tale of Genji' 1000 ईसवी में

सपने



आप एक ही समय पर सपने देख और खराटे मार नही सकते.

अगर कोई इन्सान आप को कहता है कि उसे सपने नही आते ते इसका मतलब वह अपने सपने भूल चुका है.

एक औसतन इन्सान रात में 4 सपने और एक साल में 1,460 सपने देखता है.

आप को कभी भी यह याद नही रहेगा कि आपका सपना कहा से शुरू हुआ था.

आप जागने के बाद अपने आधे सपने और दस मिनट बाद 90% सपने भूल जाते हैं.

अंधे लोगो को भी सपने आते हैं.-
जो लोग जन्म के बाद अन्धे बनते है उन्हें अपने सपनो में तस्वीरे दिखाई देती है. मगर जो जन्म से ही अंन्धे होते है उन्हें कोई तस्वीर नही दिखती और सपनों में चीजो की आवाजे,smells, छूना और भावनाएँ ही आती हैं.

सपनों में हम सिर्फ चेहरे देखते है, जो हम पहले से ही जानते होते हैं-
हमारा दिमाग अपने आप चेहरे नही बनाता. सपने में हमे सिर्फ वही चेहरे दिखते हैं जो हमने अपनी जिन्दगी जा टी.वी पर देखे होते हैं.



हर किसी के सपने रंगदार नही होते-
सारे मनुष्य रंगदार सपने नही देखते हैं. पहले के समय में जब टी.वी. नही होते थे तब लगभग सभी लोग Black and White सपने देखते थे. मगर जब से रंगीन टी.वी. आए हैं तब से 95% लोग रंगीन सपने देखने लगे हैं.

भावनाएँ-
ज्यादातर सपने चिंता और फिक्र वाले होते है. सपनो में Negative emotions,positive से ज्यादा होते हैं.

जानवर भी सपने देखते हैं.-
अध्ययनों के बाद पता चला है कि जानवर भी सोते समय मनुष्यों की तरह ही दिमागी तरंगे छोड़ते है. कभी आप एक कुत्ते को सोते देखे. वह अपने पैर इस तरह से हिला रहा होगा जैसे किसी का पीछा कर रहा हो.

आदमी और औरतों के सपने अलग-अलग होते हैं-
लगभग 70% आदमीयों के सपने अन्य आदमीयों के बारे में ही होते है जब कि औरतो के सपने आदमी और औरतो दोनो के बारे में होते हैं.


फेड्रिक ओगस्ट

फेड्रिक ओगस्ट ने बेनजेन(C6H6) जैसा जटिल रसायनिक फार्मुला तैयार किया वह भी सपने की आभारी है. उन्होंने अपने सपने में कुछ साँप देखे थे जो अपनी पूंछ खा रहे थे.

अमरीका के 16वे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अपनी मौत से कुछ समय पहले अपनी पत्नी से कहा था, "मैने अपने सपने में कुछ लोगों को रोते देखा था".

हम सोते समय 90 मिनट में एक सपना जरूर देखते हैं और हमारा सबसे लंम्बा सपना सुबह आता है जो कि 30 से 45 मिनट तक का होता है.

अगर सपने में किसी को गंदा पानी दिखता है तो उसका मतलब यह है कि सपना देखने वाला सेहतमंद नही है.

हमारे प्राचीन वेदों में लिखा है कि यह संसार असल में एक सपना ही है और असलीयत कुछ और ही है.

सपने हमें लक्वाग्रस्त बनाते हैं-
  इस पग को बताने से पहले हम आप को बता देना चाहते है कि हमारी नींद के 4 चरण होते है उन्में से एक चरण है रेपिड आई मुवमेंट जा REM (Rapid eye movement). इस अवस्था के दौरान हमारी आँखो की पुतलियाँ तेजी से हिलती हैं. इस अवस्था के दौरान हम सपने देख रहे होते हैं . सपनों की अवस्था तब आती है जब हम नींद के REM चरण में पहुँच जाते हैं. इस अवस्था के दैरान हम स्लीप पेरैलाइज का अनुभव करते हैं यानी कि इस दौरान हमारा शरीर लगभग लकवाग्रस्त सा हो जाता है. हम जागृत अवस्था में होते हैं परंतु हिलडुल नही पाते. इस अवस्था के दौरान हम सपने देखते है. हमें हमारे आसपास का वातावरण जागृत अवस्था में दिखाई देता है. इस समय हमारा दिमाग काफी सक्रीय हो जाता है . कई लोग इस अवस्था के दौरान अचानक जाग जाते हैं परंतु फिर भी हिल-डुल नही पाते. यह अवस्था 5 मिनट तक चल सकती है जब तक कि दिमाग के वे हिस्से फिर से सक्रीय न हो जाए जो शरीर के हलन-चलन के लिए आवश्यक हैं. कई लोग जिन्होंने खुद को परग्रहवासियों के अधीन हो जाने की बात कही थी, वह वास्तव में इसी अवस्था से गुजरे थे.

डरावने सपने
लगभग 5 से 10 प्रतीशत लोग महीने में एकाध बार भयानक और डरावने सपने देखते है. इस तरह के सपनों में कोई हमारे पीछे भागता है. 3 से 8 साल को बच्चों को इस तरह के सपने अधिक आते हैं.

इलियास होवे ने सिलाई मशीन की खोज की थी. उन्होंने अपने सपनें में खुद को आदिवासियों की कैद में देखा थी जो उन्हें जलाने वाले थे. इस दौरान वे आदिवासी अपने हथियारों को अजीब तरह से सिल रहे थे. परन्तु इससे एलियास को सिलाई मशीन की तकनीक समझ में आ गई.


D.N.A

जैम्स वॉटसन जिन्होंने अपने मित्र फ्रांसिस क्रिक के साथ मिलकर D.N.A की खोज की थी का कहना था कि, "उन्होंने अपने सपने में ढेर सारी स्पायर सीढ़ियॉ देखी थी.

सपने हमें सिखाते हैं-
  सपने जाने अनजाने हमारे बौद्धिक विकास में महत्वपुर्ण भाग निभाते हैं. REM अवस्था के दैरान हमारे दिमाग के वे हिस्से काफी सक्रीय हो जाते है जिनसे हम पढ़ना सीखते हैं, यही वजह है कि बच्चे अधिक समय तक इस अवस्था मे गुजरते हैं. सपनों के दौरान हम कई नई बातें सीखते हैं परन्तु जागने के बाद हमें इसका अहसास नही र

भारतीय रेल




प्रकार रेल मंत्रालय, भारत सरकार का विभागीय उपक्रम
उद्मोग रेलवे तथा लोकोमोटिव
स्थापना १६ अप्रैल, १८५३, १९५१[1] में राष्ट्रीकृत
मुख्यालय नई दिल्ली, भारत
क्षेत्र भारत
प्रमुख व्यक्ति केन्द्रीय रेलवे मंत्री:
सुरेश प्रभाकर प्रभु
नारानभाई जे रथवा
अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड:
कल्याण सी जेना
उत्पाद रेल यातायात, माल-यातायात, अन्य सेवाएं
राजस्व ₹ ७२,६५५ करोड़ (२००८) (~18.16B$)[2]
कर्मचारी ~१,२०,००,०००
मातृ कंपनी रेल मंत्रालय (भारत)
प्रभाग 17 रेलवे मण्डल
वेबसाइट भारतीय रेल

यार्ड में खड़ी एक जनशताब्दी रेल।
भारतीय रेल (आईआर) एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है तथा एकल प्रबंधनाधीन यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यह १५० वर्षों से भी अधिक समय तक भारत के परिवहन क्षेत्र का मुख्य संघटक रहा है। यह विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है, इसके १६ लाख से भी अधिक कर्मचारी हैं। यह न केवल देश की मूल संरचनात्‍मक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अपितु बिखरे हुए क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने में और देश राष्‍ट्रीय अखंडता का भी संवर्धन करता है। राष्‍ट्रीय आपात स्थिति के दौरान आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने में भारतीय रेलवे अग्रणी रहा है।

अर्थव्यस्था में अंतर्देशीय परिवहन का रेल मुख्य माध्यम है। यह ऊर्जा सक्षम परिवहन मोड, जो बड़ी मात्रा में जनशक्ति के आवागमन के लिए बड़ा ही आदर्श एवं उपयुक्त है, बड़ी मात्रा में वस्तुओं को लाने ले जाने तथा लंबी दूरी की यात्रा के लिए अत्यन्त उपयुक्त है। यह देश की जीवन धारा है और इसके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए इनका महत्वपूर्ण स्थान है। सुस्थापित रेल प्रणाली देश के दूरतम स्‍थानों से लोगों को एक साथ मिलाती है और व्यापार करना, दृश्य दर्शन, तीर्थ और शिक्षा संभव बनाती है। यह जीवन स्तर सुधारती है और इस प्रकार से उद्योग और कृषि का विकासशील त्वरित करने में सहायता करता है।

अनुक्रम
भारत में रेलों की शुरुआत
मुख्य खण्ड
अन्तर्गत उपक्रम
अनुसंधान, डिज़ाइन और मानक संगठन
देश के विकास में
आधुनिकीकरण
मूल संरचना विकास
मुख्य खण्ड
अन्तर्गत उपक्रम
अनुसंधान, डिज़ाइन और मानक संगठन
देश के विकास में
आधुनिकीकरण
मूल संरचना विकास
रेल बजट
पंचवर्षीय योजनान्तर्गत
महत्वपूर्ण रेल एवं उपलब्धियाँ
रेलक्षेत्र
सन्दर्भ
यह भी देखें
बाहरी कड़ियाँ
भारत में रेलों की शुरुआत
भारत में रेलों की शुरुआत 1853 में अंग्रेजों द्वारा अपनी प्राशासनिक सुविधा के लिये की गयी थी परंतु आज भारत के ज्यादातर हिस्सों में रेलवे का जाल बिछा हुआ है और रेल, परिवहन का सस्ता और मुख्य साधन बन चुकी है। सन् 1853 में बहुत ही मामूली शुरूआत से जब पहली अप ट्रेन ने मुंबई से थाणे तक (34 कि॰मी॰ की दूरी) की दूरी तय की थी, अब भारतीय रेल विशाल नेटवर्क में विकसित हो चुका है। इसके 115,000 कि.मी.मार्ग की लंबाई पर 7,172 स्‍टेशन फैले हुए हैं।[3] उनके पास 7,910 इंजनों का बेड़ा हैं; 42,441 सवारी सेवाधान, 5,822 अन्‍य कोच यान, 2,22,379 वैगन (31 मार्च 2005 की स्थिति के अनुसार)। भारतीय रेल बहुल गेज प्रणाली है; जिसमें चौडी गेज (1.676 मि मी) मीटर गेज (1.000 मि मी); और पतली गेज (0.762 मि मी. और 610 मि. मी) है। उनकी पटरियों की लंबाई क्रमश: 89,771 कि.मी; 15,684 कि॰मी॰ और 3,350 कि॰मी॰ है। जबकि गेजवार मार्ग की लंबाई क्रमश: 47,749 कि.मी; 12,662 कि॰मी॰ और 3,054 कि॰मी॰ है। कुल चालू पटरियों की लंबाई 84,260 कि॰मी॰ है जिसमें से 67,932 कि॰मी॰ चौडी गेज, 13,271 कि॰मी॰ मीटर गेज और 3,057 कि॰मी॰ पतली गेज है। लगभग मार्ग किलो मीटर का 28 प्रतिशत, चालू पटरी 39 प्रतिशत और 40 प्रतिशत कुल पटरियों का विद्युतीकरण किया जा चुका है।

मुख्य खण्ड
भारतीय रेल के दो मुख्‍य खंड हैं - भाड़ा/माल वाहन और सवारी। भाड़ा खंड लगभग दो तिहाई राजस्‍व जुटाता है जबकि शेष सवारी यातायात से आता है। भाड़ा खंड के भीतर थोक यातायात का योगदान लगभग 95 प्रतिशत से अधिक कोयले से आता है। वर्ष 2002-03 से सवारी और भाड़ा ढांचा यौक्तिकीकरण करने की प्रक्रिया में वातानुकूलित प्रथम वर्ग का सापेक्ष सूचकांक को 1400 से घटाकर 1150 कर दिया गया है। एसी-2 टायर का सापेक्ष सूचकांक 720 से 650 कर दिया गया है। एसी प्रथम वर्ग के किराए में लगभग 18 प्रतिशत की कटौती की गई है और एसी-2 टायर का 10 प्रतिशत घटाया गया है। 2005-06 में माल यातायात में वस्‍तुओं की संख्‍या 4000 वस्‍तुओं से कम करके 80 मुख्‍य वस्‍तु समूह में रखा गया है और अधिक 2006-07 में 27 समूहों में रखा गया है। भाड़ा प्रभारित करने के लिए वर्गों की कुल संख्‍या को घटाकर 59 से 17 कर दिया गया है।

अन्तर्गत उपक्रम
भारत में रेल मंत्रालय, रेल परिवहन के विकास और रखरखाव के लिए नोडल प्राधिकरण है। यह विभन्‍न नीतियों के न

भारत में महिलाएँ


भारत में महिलाएँ
भारत में महिलाओं की स्थिति ने पिछली कुछ सदियों में कई बड़े बदलावों का सामना किया है।[4][5] प्राचीन काल[6] में पुरुषों के साथ बराबरी की स्थिति से लेकर मध्ययुगीन काल[7] के निम्न स्तरीय जीवन और साथ ही कई सुधारकों द्वारा समान अधिकारों को बढ़ावा दिए जाने तक, भारत में महिलाओं का इतिहास काफी गतिशील रहा है। आधुनिक भारत में महिलाएं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोक सभा अध्यक्ष, प्रतिपक्ष की नेता आदि जैसे शीर्ष पदों पर आसीन हुई हैं।

इतिहास

विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका की चर्चा करने वाले साहित्य के स्रोत बहुत ही कम हैं ; 1730 ई. के आसपास तंजावुर के एक अधिकारी त्र्यम्बकयज्वन का स्त्रीधर्मपद्धति इसका एक महत्वपूर्ण अपवाद है। इस पुस्तक में प्राचीन काल के अपस्तंब सूत्र (चौथी शताब्दी ईपू) के काल के नारी सुलभ आचरण संबंधी नियमों को संकलित किया गया है।[8] इसका मुखड़ा छंद इस प्रकार है:

मुख्यो धर्मः स्मृतिषु विहितो भार्तृशुश्रुषानम हि :
स्त्री का मुख्य कर्तव्य उसके पति की सेवा से जुडा हुआ है।
जहाँ सुश्रूषा शब्द (अर्थात, “सुनने की चाह”) में ईश्वर के प्रति भक्त की प्रार्थना से लेकर एक दास की निष्ठापूर्ण सेवा तक कई तरह के अर्थ समाहित हैं।[9]

प्राचीन भारत
विद्वानों का मानना है कि प्राचीन भारत में महिलाओं को जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ बराबरी का दर्जा हासिल था।[10] हालांकि कुछ अन्य विद्वानों का नज़रिया इसके विपरीत है।[11] पतंजलि और कात्यायन जैसे प्राचीन भारतीय व्याकरणविदों का कहना है कि प्रारम्भिक वैदिक काल[12][13] में महिलाओं को शिक्षा दी जाती थी। ऋग्वेदिक ऋचाएं यह बताती हैं कि महिलाओं की शादी एक परिपक्व उम्र में होती थी और संभवतः उन्हें अपना पति चुनने की भी आजादी थी।[14] ऋग्वेद और उपनिषद जैसे ग्रंथ कई महिला साध्वियों और संतों के बारे में बताते हैं जिनमें गार्गी और मैत्रेयी के नाम उल्लेखनीय हैं।[15]

प्राचीन भारत के कुछ साम्राज्यों में नगरवधु (“नगर की दुल्हन”) जैसी परंपराएं मौजूद थीं। महिलाओं में नगरवधु के प्रतिष्ठित सम्मान के लिये प्रतियोगिता होती थी। आम्रपाली नगरवधु का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण रही है।

अध्ययनों के अनुसार प्रारंभिक वैदिक काल में महिलाओं को बराबरी का दर्जा और अधिकार मिलता था।[16] हालांकि बाद में (लगभग 500 ईसा पूर्व में) स्मृतियों (विशेषकर मनुस्मृति) के साथ महिलाओं की स्थिति में गिरावट आनी शुरु हो गयी और बाबर एवं मुगल साम्राज्य के इस्लामी आक्रमण के साथ और इसके बाद ईसाइयत ने महिलाओं की आजादी और अधिकारों को सीमित कर दिया.[7]

हालांकि जैन धर्म जैसे सुधारवादी आंदोलनों में महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने की अनुमति दी गयी है, भारत में महिलाओं को कमोबेश दासता और बंदिशों का ही सामना करना पडा है।[16] माना जाता है कि बाल विवाह की प्रथा छठी शताब्दी के आसपास शुरु हुई थी।[17]

मध्ययुगीन काल
चित्र:Pastimes15.jpg
देवी राधारानी के चरणों में कृष्ण
समाज में भारतीय महिलाओं की स्थिति में मध्ययुगीन काल के दौरान और अधिक गिरावट आयी[10][7] जब भारत के कुछ समुदायों में सती प्रथा, बाल विवाह और विधवा पुनर्विवाह पर रोक, सामाजिक जिंदगी का एक हिस्सा बन गयी थी। भारतीय उपमहाद्वीप में मुसलमानों की जीत ने परदा प्रथा को भारतीय समाज में ला दिया. राजस्थान के राजपूतों में जौहर की प्रथा थी। भारत के कुछ हिस्सों में देवदासियां या मंदिर की महिलाओं को यौन शोषण का शिकार होना पड़ा था। बहुविवाह की प्रथा हिन्दू क्षत्रिय शासकों में व्यापक रूप से प्रचलित थी।[17] कई मुस्लिम परिवारों में महिलाओं को जनाना क्षेत्रों तक ही सीमित रखा गया था।

इन परिस्थितियों के बावजूद भी कुछ महिलाओं ने राजनीति, साहित्य, शिक्षा और धर्म के क्षेत्रों में सफलता हासिल की.[7] रज़िया सुल्तान दिल्ली पर शासन करने वाली एकमात्र महिला सम्राज्ञी बनीं. गोंड की महारानी दुर्गावती ने 1564 में मुगल सम्राट अकबर के सेनापति आसफ़ खान से लड़कर अपनी जान गंवाने से पहले पंद्रह वर्षों तक शासन किया था। चांद बीबी ने 1590 के दशक में अकबर की शक्तिशाली मुगल सेना के खिलाफ़ अहमदनगर की रक्षा की. जहांगीर की पत्नी नूरजहाँ ने राजशाही शक्ति का प्रभावशाली ढंग से इस्तेमाल किया और मुगल राजगद्दी के पीछे वास्तविक शक्ति के रूप में पहचान हासिल की. मुगल राजकुमारी जहाँआरा और जेबुन्निसा सुप्रसिद्ध कवियित्रियाँ थीं और उन्होंने सत्तारूढ़ प्रशासन को भी प्रभावित किया। शिवाजी की माँ जीजाबाई को एक योद्धा और एक प्रशासक के रूप में उनकी क्षमता के कारण क्वीन रीजेंट के रूप में पदस्थापित किया गया था। दक्षिण भारत में कई महिलाओं ने गाँवों, शहरों और जिलों पर शासन किया और सामाजिक एवं धार्मिक संस्थानों की शुरुआत की.[17]

भक्ति आंद

Sunday, January 24, 2016

हमारा दिमाग(एक खज़ाना)


    हमार दिमाग(एक खज़ाना)



 + हमारा दिमाग 75% से ज्यादा पानी से बना होता है।
⇒ दिमाग में 1,00,000 मील लंम्बी रक्त वाहिकाएँ होती
हैं।
⇒ 30 साल की आयु के बाद हमारा दिमाग सुकड़ने लगता
है।
⇒ आप के दिमाग में हर दिन औसतन 60,000 विचार आते हैं।
⇒ मनुष्य का दिमाग का वजन लगभग 1500 ग्राम तक होता
है।
⇒ हँसते समय हमारे दिमाग के लगभग 5 हिस्से एक साथ
कार्य करते हैं।
⇒ मानव का दिमाग computer से भी ज्यादा तेज
प्रतिक्रिया करता है।
⇒ पढ़ने और बोलने से एक बच्चो का दिमागी विकास
ज्यादा होता है।
⇒ मानव दिमाग के अंदर एक सैकेंड में 1 लाख रसायनिक
प्रतिक्रियायें होती हैं।
⇒ एक जिन्दा दिमाग बहुत नर्म होता है और इसे चाकु से
आसानी से काटा जा सकता है।
⇒ वैज्ञानिक मानते हैं कि ब्रह्माण्ड में सबसे जटिल और
रहस्मई चीज मनुष्य का दिमाग है।
⇒ मनुष्य के दिमाग में दर्द की कोई भी नस नही होती
इसलिए वह कोई दर्द नही महसूस नही करता।
⇒ जब आप एक आदमी का चेहरा गौर से देखते है तो आप
अपने दिमाग का दायां भाग उपयोग करते है।
⇒ जो बच्चे पाँच साल का होने से पहले दो भाषाएँसीखते
है उनके दिमाग की संरचना थोड़ी सी बदल जाती है।
⇒ दिमाग शरीर का लगभग 2% है परन्तु यह कुल ऑक्सीजन
का 20% खपत करता है और खून भी 20% उपयोग करता हैं।
⇒ आपका दिमाग 5 साल की उम्र तक 95% बढ़ता है और
18 तक पहुँचते-पहुँचते 100% विकसित हो जाता है ओर उसके
बाद बढ़ना रूक जाता है।
⇒ जब आप जाग रहे होते है तब आपका दिमाग 10 से 23 वाट
तक की बिजली उर्जा छोड़ता है, जो कि एक बिजली के
बल्ब को भी चला सकती है।
⇒ आपके दिमाग की Right Side आपकी Body के Left Side
को जबकि दिमाग की Left Side आपकी Body के Right
Side को कंट्रोल करती है।

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